पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : विकास क्लब साहित्य कला मंच कुंजपुरा की ओर से आयोजित सांझा विरासत कार्यक्रम के तहत कवि दरबार सजाया गया,जिसकी अध्यक्षता सोनीपत से पहुंचे वरिष्ठ शायर डॉ. कमर रईस ने की, मुख्य अतिथि कुंजपुरा से आर्य समाज के प्रधान अनिल आर्य रहे, विशेष अतिथि समाजसेवी रविन्द्र बत्रा रहे, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ शायर इक़बाल पानीपती, वरिष्ठ कवि दलीप खरेरा व वरिष्ठ कवि हरबंस शर्मा रहे, कार्यक्रम का मंच संचालन वरिष्ठ कवि एवं शायर प्रेम पाल सागर ने किया।
कार्यक्रम में भारत के प्रसिद्ध शायर पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी गई, तत्पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, विशिष्ट व विशेष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया गया। काव्य की शुरुआत कुमारी सैजल ने सरस्वती वंदना से की। वरिष्ठ शायर डॉ.कमर रईस ने कहा बेनूर जिन्दगी भी चमक जाएगी तेरी,नूरे कमर को कभी आजमा के देख, वरिष्ठ शायर इक़बाल पानीपती ने कहा मेरा दुश्मन मेरे हक़ में बोला है,लगता है कुछ दाल में काला है भाई, कवि प्रेम पाल सागर ने कहा राज पुरूषों को रिझा के देख लिया,राग दरबारी खूब गाके देख लिया, पांच साल में मिला एक झुनझुना,वो भी न बजा के देख लिया, वरिष्ठ कवि दलीप खरेरा ने कहा दीवारें मजहबों की मजबूत हो गई , लाशें नफरतों का सबूत हो गई, युवा शायर रामेश्वर देव ने कहा रह गये हैं देव रिश्ते नाम के,लोग मतलब से करें हैं बात अब,कवयित्री रोजलीन ने कहा हटा दो अविलम्ब ये सारी की सारी पर्दादारी की कुख्यात अड़चनें,युवा शायर मनोज मनुष ने कहा नजर नजर से मिली तो नजर आया, क्या सही क्या गलत था नजर आया, युवा कवि सचिन पाल ने कहा सुरते हालात बताते हैं कहानी मेरी, भला करते करते गई है जवानी मेरी, कवि कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा जैली गंडासी आरी होग्ये लोग,तलवार भी दो धारी होग्ये लोग,कवि राजकुमार 'मायूस' ने कहा जिन्दगी से क्या शिकवा ये तो एक पहेली है, समझा है न समझेगा आखिर क्या है जिन्दगी, कवयित्री निशा सिरहद ने कहा हिमालय से ऊंची सिन्धू से गहरी होती है मां, उगते सूर्य सी जन्नत की देहरी होती मां, कवि राजपाल राजन ने कहा कहां किसके पास है सब्र ढूंढ रहा हूं मैं,कब मिलेगा कहां मिलेगा खबर ढूंढ रहा हूं मैं, कार्यक्रम में मधुर स्वर के धनी गुरमुख सिंह वड़ैच,शायर शाबिर खान , कवि हरबंस शर्मा,कवि डॉ श्याम प्रीति सिंह, कवयित्री प्रीति सिंह,पुरन वत्स, अनिल खरब,सक्षमू कुमार,मामराज पाल , खुशहाल रोजडा ने काव्य पाठ से गीत, ग़ज़ल, कविताएं प्रस्तुत की।
इस अवसर पर बहादुर सिंह, कर्ण मैहला, पुर्व सरपंच सुभरी संदीप रूलियाण पूर्व सरपंच रोहतास सैनी, सन्तोषराणा,सुलोचना,सालवी,किरण,रामनाथ,हरिओम पांचाल,अन्सूल राणा, रविन्द्र गुगलानी, राकेश राणा, हरिन्द्र पांचाल,सौरभ गुप्ता,जगवीर, राजकुमार, डॉ जोगिंदर की उपस्थिति रही।