जेल में कैदी की आत्महत्या से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

फरीदाबाद (Narendra Singh Danu): जिला नीमका जेल में सोमवार तड़के एक बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना (25) के रूप में हुई है, जो पिछले करीब 11 महीनों से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था।

जेल प्रशासन के अनुसार, ऋतिक के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास समेत करीब 16 मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब होने के चलते उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि उसने अस्पताल के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब जेल स्टाफ ने उसे बेड पर नहीं पाया। तलाश के दौरान वह अस्पताल के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। कर्मचारियों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई राजेश का कहना है कि उसके भाई को जेल में प्रताड़ित किया जाता था और जेल डिप्टी द्वारा मारपीट किए जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था।

वहीं, जेल डिप्टी साजिद खान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जेल में सभी बंदियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। उनके अनुसार, ऋतिक कुछ समय से मानसिक तनाव में था।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।