कुरुक्षेत्र (अश्विनी वालिया) : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र स्थित अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला में 12 से 14 जून तक तीन दिवसीय उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत एवं चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन समाज सुधार, सामाजिक जागरूकता तथा समसामयिक विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श के उद्देश्य से किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि हरियाणा सहित उत्तर भारत की विभिन्न प्रमुख खापों एवं सामाजिक संगठनों से विचार-विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों और समस्याओं पर गंभीर चिंतन एवं ठोस निर्णय लेने के लिए उत्तर भारत की सभी खापों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर आमंत्रित किया जाए।
आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय इस महापंचायत एवं चिंतन शिविर में शिक्षा, युवाओं का भविष्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन, किसान हित, रोजगार, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, गौसंवर्धन, सामाजिक समरसता, ग्रामीण विकास तथा राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न सत्रों में चर्चा होगी। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद, कानूनविद, किसान नेता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम में उत्तर भारत की विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों के अलावा सेवानिवृत्त न्यायाधीश, कानूनविद, बार काउंसिल एवं जिला बार एसोसिएशन के सदस्य, किसान संगठन, संत समाज, धार्मिक एवं सामाजिक संगठन, आर्य समाज, छात्र संगठन, महिला संगठन, युवा संगठन, सर्व कर्मचारी संघ, सरपंच एवं नंबरदार संगठन, चिकित्सक तथा विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश एवं देश के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों की भी सहभागिता रहेगी।
अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र के प्रधान डॉ कृष्ण श्योकंद ने कहा कि उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत एवं चिंतन शिविर समाज को नई दिशा देने तथा वर्तमान चुनौतियों पर सामूहिक विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, किसान हित और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर लिए गए निर्णय समाज के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। देशवाल खाप प्रधान
संजय देशवाल ने कहा कि समाज के सामने आज अनेक सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक चुनौतियां मौजूद हैं, जिनका समाधान केवल सामूहिक चिंतन और सामाजिक एकता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर में देशभर से आने वाले प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर समाज हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने इसे समाज सुधार और जनजागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
संत गोपालदास महाराज ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसके संस्कार, संगठन और नैतिक मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नशा, सामाजिक बुराइयों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने, परिवार व्यवस्था को मजबूत करने तथा भारतीय संस्कृति और सभ्यता के मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ऐसे चिंतन शिविर समाज को नई दिशा देने और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आयोजन समिति ने प्रदेश एवं देशभर के सामाजिक संगठनों, खाप प्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर इस महापंचायत एवं चिंतन शिविर को सफल बनाने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि यह आयोजन सामाजिक परिवर्तन, समाज सुधार तथा भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा।
पत्रकार वार्ता में पूर्व सरपंच कर्मबीर घराड़सी, सतबीर कौशिक, नरेंद्र नैन, राजेंद्र हथिरा, जितेंद्र घराड़सी, श्रीपाल बालंद, संदीप सहरावत, अनिल देशवाल, राजेश सिंहरोहा, सरपंच मान सिंह देशवाल, सुदेश सहरावत, यशविंद्र मलिक, सरपंच रामपाल सहरावत, जसवंत कोलेखां, तिलकराज चहल, दरिया सिंह, सुभाष बारना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।