भारत की रणनीतिक बढ़त बरकरार, परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी से पाकिस्तान पर मनोवैज्ञानिक दबाव

नई दिल्ली (Narendra Singh Sanu) : देश में परमाणु हथियारों की स्थिति को लेकर जारी ताजा वैश्विक रिपोर्ट में भारत की सामरिक ताकत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारत ने अपने परमाणु हथियारों के जखीरे में इजाफा करते हुए पिछले वर्ष के 180 वॉरहेड्स से बढ़ाकर इस वर्ष 190 कर लिए हैं। वहीं, पाकिस्तान का भंडार 170 वॉरहेड्स पर स्थिर बना हुआ है, जिससे इस क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त स्पष्ट हो गई है।

रक्षा और सुरक्षा मामलों पर नजर रखने वाली संस्था Stockholm International Peace Research Institute (सीपरी) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के नौ परमाणु संपन्न देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इनमें से लगभग 9,745 वॉरहेड्स सैन्य भंडार में संभावित उपयोग के लिए तैयार रखे गए हैं, जबकि करीब 4,012 वॉरहेड्स मिसाइलों और लड़ाकू विमानों पर तैनात हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भले ही कुल वैश्विक संख्या में मामूली कमी आई हो, लेकिन परमाणु हथियारों की तैनाती और सक्रियता में बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 2,100 से 2,200 वॉरहेड्स हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं, जिन्हें बेहद कम समय में इस्तेमाल किया जा सकता है।

वैश्विक स्तर पर रूस और अमेरिका अब भी परमाणु हथियारों की दौड़ में सबसे आगे हैं। रूस के पास 5,420 वॉरहेड्स हैं, जबकि अमेरिका के पास 5,042 वॉरहेड्स मौजूद हैं। चीन भी तेजी से अपने परमाणु भंडार का विस्तार कर रहा है और उसके हथियारों की संख्या बढ़कर 620 हो गई है।

रिपोर्ट में फ्रांस की परमाणु क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है, जहां एक साल में ही वॉरहेड्स की संख्या 290 से बढ़कर 370 हो गई। वहीं, यूनाइटेड किंगडम ने अपने भंडार को 225 वॉरहेड्स पर स्थिर रखा है। इजराइल और ईरान के बीच तनाव के बावजूद इजराइल का परमाणु भंडार 90 पर स्थिर है, जबकि उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों की संख्या 50 से बढ़ाकर 60 कर ली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया भर में बदलते युद्ध परिदृश्य और सैन्य आधुनिकीकरण के चलते परमाणु हथियारों पर निर्भरता एक बार फिर बढ़ रही है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है।