अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल, चूहों द्वारा शव कुतरे जाने से मचा हड़कंप

हिसार: हिसार के नागरिक अस्पताल में रविवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक महिला के परिजनों ने मॉर्च्युरी में रखे शव के क्षतिग्रस्त होने का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि शव के माथे की त्वचा क्षतिग्रस्त मिली, जिसके लिए उन्होंने मॉर्च्युरी प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।

जानकारी के अनुसार, हांसी निवासी लगभग 25 वर्षीय कोमल को प्रसव के दौरान तबीयत बिगड़ने पर गंभीर हालत में हिसार रेफर किया गया था। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को हिसार सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था।

रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले जब परिजन मॉर्च्युरी पहुंचे तो उन्होंने वहां चूहों और अन्य जीवों की मौजूदगी पर चिंता जताई। परिजनों का आरोप है कि फ्रीजर से शव बाहर निकालने पर महिला के माथे पर गहरा घाव दिखाई दिया और त्वचा का हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

मृतका के भाई तरुण ने आरोप लगाया कि महिला को पहले हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई। उन्होंने उपचार प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

परिजनों ने मॉर्च्युरी की साफ-सफाई, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन के समक्ष मॉर्च्युरी की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।