शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रमों के बीच शिमला जिला परिषद का समारोह विवादों में घिर गया। बचत भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला परिषद के 25 नवनिर्वाचित सदस्यों को Anupam Kashyap ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह में सभी निर्वाचित सदस्य मौजूद रहे और उन्हें जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संदेश दिया गया। हालांकि शपथ ग्रहण से पहले कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रशासन ने सभागार में केवल निर्वाचित सदस्यों को ही रहने की अनुमति दी और अन्य लोगों को बाहर जाने के लिए कहा। इस फैसले का विरोध करते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भाजपा के राज्यसभा सांसद Harsh Mahajan ने आरोप लगाया कि निर्वाचित सदस्यों के परिजनों, समर्थकों और मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह से बाहर रखना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पहली बार ऐसा शपथ ग्रहण समारोह देखा है जहां परिवार और समर्थकों की मौजूदगी पर रोक लगाई गई हो।
पूर्व मंत्री Suresh Bhardwaj ने भी राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के कार्यक्रमों में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष Keshav Chauhan ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के परिवारों और समर्थकों को समारोह में शामिल होने का अधिकार है और प्रशासन का निर्णय अनुचित था।
हालांकि जिला प्रशासन की ओर से इस विवाद पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शपथ ग्रहण कार्यक्रम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न हुआ और सभी 25 नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपने पद की शपथ ली।