राष्ट्रीय पशु को लेकर नई बहस, गौमाता पर उठी मांग चर्चा में

चूरू: बीदासर में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस पहल के दौरान समाज के लोगों ने गाय के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी अमीलाल यादव को दिए गए ज्ञापन में कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था गाय से जुड़ी हुई है, जबकि दुग्ध उत्पादन, कृषि कार्य, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण में भी गाय की अहम भूमिका है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय समाज में गाय को सम्मान और आदर की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने से इसके संरक्षण, संवर्धन और देखभाल को नई दिशा मिलेगी तथा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलेगी।

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करना देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करने वाला कदम होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

इस अवसर पर अफजल हुसैन सलामपुरिया, शहर काजी हाफिज शरीफ, हाफिज रमजान, हाफिज मुस्लिम, एडवोकेट इरफान सोलंकी, इमरान भुट्टा, सोहेल सोलंकी, सलमान भुट्टा, समीर भुट्टा, रियांश सोलंकी, इमरान तथा जमीर सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम के बाद समाज के लोगों ने गौ संरक्षण और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की।