नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार ने हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘ग्रीन एसएम’ की ऐप-आधारित इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली सचिवालय से इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर में 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियां उतारी गई हैं। कंपनी की योजना अगले एक वर्ष में इस सेवा का विस्तार करते हुए 10,000 वाहनों तक पहुंचाने की है। इस अवसर पर कंपनी के वैश्विक सीईओ गुयेन वान थान्ह और विन ग्रुप के एशिया सीईओ फाम सान्ह चाऊ भी मौजूद रहे।
ग्रीन एसएम एक वियतनाम आधारित कंपनी है, जिसने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तमिलनाडु में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के माध्यम से भारत में निवेश किया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने वाली हरित पहलों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि यह टैक्सी सेवा स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त दिल्ली के संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि ग्रीन मोबिलिटी, दिल्ली ईवी नीति के उद्देश्यों के अनुरूप, प्रदूषण कम करने और वायु गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मंत्री सिरसा ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निर्मित ये वाहन देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं तथा टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे।
इन इलेक्ट्रिक टैक्सियों में उन्नत सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें एआई आधारित कैमरे, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन एसओएस बटन शामिल हैं। प्रत्येक वाहन में चालक, यात्री और सड़क की निगरानी के लिए अलग-अलग कैमरे लगाए गए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने महिला चालकों की संख्या बढ़ाने की भी योजना बनाई है।
दिल्ली सरकार स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रकार की पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे कम कार्बन उत्सर्जन और बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।