-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपण -मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र कम मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन और करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बहुमंजिला महिला छात्रावास का किया शिलान्यास

कुरुक्षेत्र: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग हमारी सनातन संस्कृति का वह अनमोल उपहार है, जो हमारे ऋषियों-मुनियों ने पूरी मानवता के कल्याण के लिए दिया है। भारत की हजारों वर्षों पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। एक समय था जब योग केवल आश्रमों और गुरुकुलों तक सीमित माना जाता था, लेकिन आज विश्व के लगभग हर देश में योग किया जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण और महिला छात्रावास के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण किया। इसके साथ ही सभी गणमान्य नागरिकों, अधिकारियों व आम नागरिकों ने भी लगभग 101 पौधे रोपित किए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र कम मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन किया और करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बहुमंजिला महिला छात्रावास का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने आयुष यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का स्टाइफंड को जल्द बढ़ाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के गीत को लॉच किया, विश्वविद्यालय की रिसर्च जनरल, पीएचडी शोध कार्य से संबंधित शोध गंगा पोर्टल सहित दो पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र के कुलगुरु प्रो. करतार सिंह धीमान ने शॉल उड़ाकर, औषधीय पौध व भगवान धन्वंतरि के स्मृति चिन्ह के साथ सम्मानित किया। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा सहित अन्य मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आयुष विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के उपरांत अखंड गीता पीठ शाश्वत सेवाश्रम ट्रस्ट में महामंडलेश्वर डा. स्वामी शाश्वत नंद गिरी महाराज द्वारा आयोजित संपूर्ण सुंदरकांड पारायण एवं प्रवचन समारोह में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। यह वह भूमि है, जहां भगवान श्रीकृष्ण जी ने श्री अर्जुन के माध्यम से मानव मात्र को कर्म, ज्ञान और योग का अमर संदेश दिया था। उन्होंने गीता में योग के बारे में कहा है कि योग: कर्मसु कौशल अर्थात योग से कर्मों में कुशलता आती है। इसलिए योग की चर्चा जब कुरुक्षेत्र की धरती पर होती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग रखा गया है। यह थीम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि हमारे यहां वृद्धों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और प्रदेश में सरकार ने नशा मुक्त योग युक्त थीम को शामिल किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में अपने पहले ही उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पुरजोर पैरवी की थी। उन्हीं के भगीरथ प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। उस समय 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और आज 200 से भी अधिक देशों में योग दिवस आयोजित होता है। इस प्रकार, एक बार फिर योग लोगों की जीवन शैली का हिस्सा बन गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग दिवस पर जन-जन को योग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा है जब हम योग को जीना शुरू करते हैं, तो योग दिवस हमारे स्वास्थ्य, आनंद और शांति के मंगल उत्सव का माध्यम बन जाता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जब पूरी दुनिया योग करती है, तो वह केवल व्यायाम नहीं कर रही होती, बल्कि भारत की वसुधैव कुटुंबकम की भावना को जी रही होती है। आज ज्ञान और भक्ति की पावन धरा से हम उसी वैश्विक चेतना को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ, खुशहाल एवं शांतिपूर्ण तरीके से जीवन जीने का एक संपूर्ण विज्ञान है। यह जीवन जीने की कला है, इसलिए कहा गया है कि हर रोज करें योग, जीवन भर रहें निरोग।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने वेदों, उपनिषदों और गीता की भूमि हरियाणा में नई पीढ़ी को योग प्रशिक्षण व योग साधना के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है। सरकार ने पहली से 10वीं कक्षा तक योग शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया है। प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी योग सिखाया जा रहा है। प्रदेश में योग क्लब भी स्थापित किए गए हैं। योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा योग आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस वित्त वर्ष के बजट में इस विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 135 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने राज्य के 6500 गांवों में व्यायाम शालाएं खोलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इनमें से 883 का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 859 आयुष योग सहायकों की नियुक्ति की जा चुकी है। प्रदेश के 397 आयुष औषधायलों तथा 109 उप-स्वास्थ्य केन्द्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अपग्रेड किया गया है। इनमें 156 योग इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि पंचकूला में राष्ट्रीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान और जिला झज्जर के गांव देवरखाना में पोस्ट ग्रेजुएट योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एवं रिसर्च संस्थान की स्थापना की गई है। उन्होंने इस वित्त वर्ष के बजट में सभी औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन योग ब्रेक शुरू करने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उनके लिए साप्ताहिक स्वास्थ्य अभियान आयोजित करने का प्रावधान भी किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों को संकल्प दिलवाया कि योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे तथा स्वस्थ हरियाणा, समृद्ध हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा रोपित करेंगे और उसका पालन-पोषण भी करेंगे।