नई दिल्ली (Naren Danu) : कर्नाटक भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू हत्याकांड में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी उमर फारूक एमआर को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस चर्चित हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है।
एनआईए के अनुसार, उमर फारूक की गिरफ्तारी खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान की गई। उसके खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका था और अदालत ने गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए एनआईए ने चार लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, उमर फारूक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि वह साजिश रचने वाली बैठकों में शामिल था।
हत्या की साजिश में भूमिका का आरोप
एनआईए की जांच के अनुसार, उमर फारूक ने सुलिया कस्बे में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यालय में हुई साजिश संबंधी बैठक में हिस्सा लिया था। उस पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर हत्या की योजना को अंजाम देने में सहयोग किया।
एजेंसी ने बताया कि उमर फारूक ने कथित तौर पर एक सह-आरोपित को मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की सहमति दी थी, जिसका इस्तेमाल बेल्लारे गांव में संभावित लक्ष्य की पहचान और रेकी के लिए किया जाना था। उस पर मामले के एक संरक्षित गवाह की हत्या की कोशिश में शामिल होने का भी आरोप है।
दो अन्य फरार आरोपियों को भी पकड़ा गया था
एनआईए ने इससे पहले जुलाई महीने में मामले के दो अन्य फरार आरोपितों अब्दुल नासिर पी उर्फ नासिर और नौशाद को भी गिरफ्तार किया था। दोनों को केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के होसुर से दबोचा गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अभी भी दो आरोपित फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि दक्षिण कन्नड़ जिले के भाजपा नेता प्रवीण नेत्तारू की 26 जुलाई 2022 को हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद बढ़े जनआक्रोश को देखते हुए मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। एजेंसी के मुताबिक, यह हत्या एक व्यापक आपराधिक साजिश का हिस्सा थी।