देहरादून (Naren Danu) : उत्तराखंड में लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर पहाड़ों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के चलते कई नदियां चेतावनी और खतरे के स्तर तक पहुंच गई हैं, वहीं भूस्खलन और पहाड़ी मलबा गिरने से बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
अलकनंदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन के अनुसार गुरुवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर और मंदाकिनी का 626.60 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
देवप्रयाग में भागीरथी नदी चेतावनी स्तर तक पहुंच गई है, जबकि हरिद्वार जिले के रायसी क्षेत्र में बाणगंगा नदी का जलस्तर भी चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है।
भूस्खलन से कई राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित
बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सिलाईबैंड और दुर्बिल के पास मलबा आने से बाधित है। वहीं ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग चमोली के हेलंग क्षेत्र में बंद हो गया है। गंगोत्री हाईवे भी धरासू-नालूपानी के पास प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम मार्ग, धारचूला-तवाघाट मार्ग और तवाघाट-गूंजी मार्ग पर भी मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।
आसन बैराज के गेट खोले, यमुना में छोड़ा गया पानी
देहरादून जिले में आसन नदी में जलप्रवाह बढ़ने और भारी मात्रा में कचरा जमा होने से आसन बैराज का ट्रैश रैक जाम हो गया। इसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुवार सुबह सायरन बजाकर बैराज के गेट खोल दिए गए और करीब 39 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। प्रशासन ने यमुना किनारे बसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सीएम धामी ने दिए 24 घंटे निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन से प्रदेशभर की स्थिति की जानकारी लेते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी, आपातकालीन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और यात्रा से पहले सड़कों व मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें।