गुवाहाटी (Naren Danu) : असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नदियों का जलस्तर भले ही धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कई इलाकों में घरों, सड़कों और खेतों में पानी और कीचड़ का कब्जा बना हुआ है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ का दायरा अब 14 जिलों तक फैल गया है। राज्य में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,60,653 हो गई है, जबकि 16,951.761 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी पानी में डूबी हुई है।
मौत का आंकड़ा 94 तक पहुंचा
बाढ़ के बीच बुधवार को अलग-अलग जिलों से पांच और शव बरामद किए गए। इनमें शिवसागर जिले से दो, गोलाघाट से एक और बिश्वनाथ जिले से दो शव शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की कुल संख्या 94 पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रभावित जिलों में गोलाघाट, लखीमपुर, चराईदेव, शिवसागर, बिश्वनाथ, धेमाजी, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, शोणितपुर, तिनसुकिया, नगांव, दरंग, कार्बी आंगलोंग और उदालगुड़ी शामिल हैं।
563 गांव बाढ़ की चपेट में
प्रशासन के मुताबिक, राज्य के 38 राजस्व मंडलों के 563 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। धनसिरि नदी (नुमलीगढ़ क्षेत्र) अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में चिंता बनी हुई है।
सुरक्षा बलों से लेकर प्रशासन तक राहत में जुटा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, वायुसेना, पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं।
बाढ़ के कारण कई जगहों पर सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत और राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है।
जेपी नड्डा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के साथ असम के सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर और चराईदेव जिलों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
केंद्रीय मंत्री ने इसके अलावा नगालैंड के बाढ़ प्रभावित मोन जिले का भी दौरा किया। नड्डा 4 अगस्त से असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।