केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के आयोजन में 10 देशों के प्रतिनिधि ले रहे हिस्सा, ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे पर होगी चर्चा। सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर नीतिगत विचार-विमर्श किया जाएगा। शाम को रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित होगा, जहां विभिन्न देशों की कला और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

भोपाल (Naren Danu) : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रही ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक के दूसरे दिन बुधवार को सदस्य और भागीदार देशों के अधिकारी सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले अहम मुद्दों पर मंथन करेंगे। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस चार दिवसीय बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए नीतिगत प्रारूपों पर चर्चा होगी।

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य एवं भागीदार देशों के करीब 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र का तैयार होगा मसौदा

बैठक के दौरान ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के प्रस्तावित घोषणापत्र के मसौदे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने, आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इस बैठक का उद्देश्य केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रिक्स देशों के नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना भी है।

रवींद्र भवन में दिखेगी ब्रिक्स देशों की संस्कृति की झलक

बैठक के बाद शाम को भोपाल के रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देश अपनी पारंपरिक कला, संगीत और प्रदर्शन कलाओं की प्रस्तुति देंगे।

यह कार्यक्रम आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा, जहां दर्शक विभिन्न देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कला परंपराओं से रूबरू हो सकेंगे। कार्यक्रम का समापन संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा।