चंडीगढ़: चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) 15 जून से शुरू किया जाएगा।
इस अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाएगा, जिसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और विवरणों में सुधार का कार्य किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे और लोगों को अपने नाम सूची में जांचने व आवश्यक संशोधन कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में गणना फॉर्म वापस नहीं मिले हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी पड़ोस के निवासियों से पूछताछ कर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, या डुप्लिकेट जैसे संभावित कारणों की पहचान कर सकते हैं और उसी के अनुसार रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हैं, उनकी बूथ-वार सूची पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि जनता की इन सूचियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया के दौरान, बीएलओ को नए मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए कम से कम 30-40 खाली फॉर्म-6 आवेदन और खाली घोषणा पत्र (अनुबंध-4) साथ ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर के एजेंट 1 और 2 नियुक्त करने का आग्रह किया। अब तक, सीईओ कार्यालय को 14,520 बीएलए का विवरण प्राप्त हुआ है, जिनमें भाजपा से 6,438, कांग्रेस से 7,704, माकपा से 165 और बाकी अन्य राजनीतिक दलों के हैं। बीएलए भी मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र कर बीएलओ को सौंप सकते हैं।
श्रीनिवास ने बताया कि हरियाणा में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में आयोजित किया गया था। गणना फॉर्म 15 जून, 2026 से आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।
सीईओ ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत (करीब 37 लाख)तार्किक त्रुटियां हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी (स्पेलिंग) की गलतियां शामिल हैं। 21 मई, 2026 तक हरियाणा में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 2,06,52,760 है, जबकि मतदान केंद्रों की कुल संख्या 20,629 है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक और अद्यतन हो सके।