चंडीगढ़: अनिल विज ने मजदूरों और श्रमिकों के लिए बड़ी पहल करते हुए ‘श्रममित्र’ मोबाइल एप लॉन्च किया। इस एप के जरिए अब मजदूरों को घर बैठे रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
मंत्री ने बताया कि इस एप का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि काम की तलाश कर रहे लोगों को आसानी से रोजगार मिल सके। इसके माध्यम से श्रमिक अपनी योग्यता और अनुभव के अनुसार काम ढूंढ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ‘श्रममित्र’ एप श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और रोजगार प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद करेगा। साथ ही, इससे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी फायदा होगा।
श्रम मंत्री विज ने स्पष्ट किया कि श्रम मित्र एप एक प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज साबित होगा, जिससे श्रमिकों को अब काम की तलाश में लेबर चौक पर घंटों खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।
प्रदेशभर में श्रम मित्र एप पर अब तक 75 हजार श्रमिकों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। एप के जरिए राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, माली, पेंटर और अन्य श्रमिक घर बैठे रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। जियो-मैपिंग तकनीक से लैस यह ऐप श्रमिकों और नियोक्ताओं को लोकेशन, दूरी और समय की लाइव जानकारी भी देगा। यह एप हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी - तीन भाषाओं में संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक एवं नियोक्ता सरलता से इसका लाभ उठा सकें।
श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस एप को विशेष रूप से लेबर चौक पर खड़े श्रमिकों को डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ऐप में श्रमिक अपनी कार्यकुशलता, अनुभव एवं विशेषज्ञता की विस्तृत जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न ट्रेडों से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नाई, मोची तथा अन्य स्वरोजगार से जुड़े कार्यों का पंजीकरण भी इस प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।