नायब सिंह सैनी ने शिकायतों के त्वरित निपटारे पर दिया जोर

चंडीगढ़: नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ‘सीएम विंडो’ पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की हर शुक्रवार नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए और शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान दिया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सीएम विंडो एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाते हैं, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।


उन्होंने हर जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए और चेताया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर सहन नहीं होगी।मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मंडल आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक में शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, एटीआर अपलोड करने करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएम विंडो, हर समाधान शिविर और जन शिकायतों की मॉनिटरिंग वे स्वयं करेंगे। साथ ही पुलिस, राजस्व और हाउसिंग बोर्ड मामलों में भी जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता का बकाया पैसे का भुगतान 10 तारीख को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करें और उनके शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करें, ताकि लोगों की समस्याओं का तय समय सीमा में समाधान हो सके। उन्होंने कहा की सीएम विंडो मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द से जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मॉनिटरिंग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने करनाल के 100 -100 गज के प्लाट की पैमाईश समय पर न करने पर उपायुक्त को नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए। सीएम ने जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा का क्लेम नहीं मिलने पर भी जांच करने के निर्देश दिए.

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों में सुधार होगा और लोगों का शासन पर भरोसा मजबूत होगा।