लुधियाना: लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो की और से पावरकॉम में करोड़ों रुपए के घोटाले में विभाग के पूर्व सीएमडी केडी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ-साथ रिटायर्ड एक्सियन संजीव प्रभाकर और दामिनी रिजॉर्ट एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना के डायरेक्टर अमित गर्ग को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों द्वारा बसंत एवेन्यू में 66केवी सब स्टेशन लगवाने की एवज में 10 करोड़ रुपए का घोटाला किया था। विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ भी शुरु कर दी गई है। चर्चा है कि इस मामले में कई और अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानबूझकर सरकारी खाते से खर्च किया पैसा
जानकारी के अनुसार प्राइवेट हाउसिंग कॉलोनी बसंत सिटी में 10 करोड़ रुपए सरकारी फंड खर्च कर 66 केवी का सब-स्टेशन लगवाया। जांच के अनुसार, नियमों के तहत इस सब-स्टेशन को लगाने का पूरा खर्च बिल्डर को खुद उठाना था, लेकिन आरोप है कि तत्कालीन एसडीओ संजीव प्रभाकर और उस समय के सीएमडी केडी चौधरी ने विभागीय फंड का इस्तेमाल कर यह काम करवाया। विजिलेंस की जांच में पीएसपीसीएल अधिकारियों और बिल्डर के बीच मिलीभगत भी सामने आई है।
पूरा खर्च कॉलोनाइजर के जिम्मे था
विजिलेंस ब्यूरो अधिकारी अनुसार बसंत एवेन्यू में 1015 वर्ग गज जमीन पर सब-स्टेशन को स्थापित किया गया। जांच में सामने आया कि यदि उस समय उच्च अधिकारियों द्वारा कॉलोनाइजर की सभी कॉलोनियों के एनओसी और बिजली लोड की संयुक्त जांच करवाई जाती, तो 66 केवी सब-स्टेशन का पूरा खर्च कॉलोनाइजर को खुद उठाना पड़ता। नियमों के मुताबिक यह बनता भी उसी के हिस्से में था। अधिकारियों ने विभाग से पैसा लेकर आपस में बांट लिया। विजिलेंस मुताबिक सब-स्टेशन की स्थापना में बिजली विभाग के आदेशों का पालन नहीं किया गया। उक्त सब-स्टेशन तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं थी और यह पक्खोवाल लिंक रोड से करीब 3 किलोमीटर दूर खेतों के बीच स्थित है।