केमिस्टों ने दी चेतावनी, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज

यमुनानगर: ई-फार्मेसी के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार को अपनी मांगों को लेकर चेतावनी भी दी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन से स्थानीय मेडिकल स्टोर्स का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और रोज़गार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

मेडिकल स्टोर संचालकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

प्रदर्शन का नेतृत्व एसोसिएशन के जिला प्रधान मनजीत शर्मा ने किया। मनजीत शर्मा ने कहा कि देशभर के दवा विक्रेता लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी समाधान सामने नहीं आया। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी बंद आयोजित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध ई-फार्मेसी संचालन के कारण बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की उपलब्धता बढ़ रही है, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से एंटीबायोटिक और नशे की प्रवृत्ति बढ़ाने वाली दवाओं के दुरुपयोग को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अप्रमाणित पर्चियों के आधार पर दवाओं की आपूर्ति की जा रही है। इससे पारंपरिक दवा वितरण प्रणाली प्रभावित हो रही है तथा मरीज और फार्मासिस्ट के बीच आवश्यक संवाद कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने नकली अथवा अनुचित तरीके से संग्रहीत दवाओं के बाजार में पहुंचने की आशंका भी जताई। एसोसिएशन ने बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों पर भारी छूट और आक्रामक मूल्य नीति के जरिए छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।