डीग: एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण आग लगने की दर्दनाक घटना सामने आई है। हादसे में भाई-बहन समेत दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि घर का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया।
जानकारी के अनुसार, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग तेजी से फैल गई, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और दमकल विभाग को सूचना दी।
मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चों की जान जा चुकी थी।
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
पुलिस के अनुसार सभी घायलों को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। बाद में छह घायलों को जयपुर रेफर किया गया, लेकिन एसएमएस अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक अन्य बच्चे ने दम तोड़ दिया।
कामां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई गैस सिलेंडर से ईको गाड़ी की गैस किट में गैस भरी जा रही थी। दोनों ईको गाड़ियां गैस किट से संचालित थीं। उन्होंने बताया कि मनमोहन गांव में कोल्ड ड्रिंक एजेंसी चलाता था और सप्लाई के लिए इन गाड़ियों का उपयोग करता था। उसका चचेरा भाई भगवान सिंह किराना दुकान संचालित करता है। दोनों परिवार गोदाम के ऊपर बने मकान में रहते थे।
पुलिस के मुताबिक हादसे के समय मनमोहन गाड़ियों में गैस भर रहा था। इसी दौरान एक सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया और आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि आग की लपटें सीधे ऊपर बने मकान तक पहुंच गईं। उस समय दोनों परिवारों के सदस्य घर में मौजूद थे।
रिश्तेदार छतर सिंह ने बताया कि सिलेंडर फटने के बाद आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिवार के लोग गंभीर रूप से झुलस गए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। हादसे में कोल्ड ड्रिंक एजेंसी संचालक मनमोहन पुत्र दाताराम, उनकी पत्नी सरिता (25), भगवान सिंह (37) पुत्र लक्ष्मीचंद, उनकी पत्नी नीरज, बेटा लक्ष्य (8), बेटी साक्षी (15) और अक्षरा (11) झुलस गए।