दिल्ली सरकार की योजना से महिलाओं को मिला सहारा

नई दिल्ली: राजधानी में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक महिलाओं तक यह कार्ड पहुंच चुका है।

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को विभिन्न सरकारी सुविधाओं, सुरक्षा सेवाओं और सामाजिक योजनाओं से जोड़ना है। कार्ड के माध्यम से महिलाओं को कई लाभ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिंक कार्ड को तेजी से बनाने के लिए सरकार ने अभियान चला रखा है। पूरी दिल्ली की विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों से लेकर सरकारी कार्यालयों में पिंक कार्ड को लेकर लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में महिलाओं का आसानी से पिंक कार्ड बन रहा है। चूंकि सारा मामला ऑनलाइन है, इसलिए दिल्ली की महिलाओं को कार्ड बनाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ये कैंप पूरी दिल्ली में लगातार लगते रहेंगे।

‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ एनसीएमसी आधारित ‘टैप-एंड-गो’ तकनीक से संचालित है। इसके माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। यात्रियों को अब कागजी टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि ईटीएम मशीन पर कार्ड टैप करते ही यात्रा दर्ज हो जाती है। यह स्मार्ट कार्ड भविष्य में मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान आधारित उपयोग के लिए भी सक्षम है। कार्ड को ऑनलाइन आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है और यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन गई है।

यह योजना 5 वर्ष से अधिक आयु की दिल्ली की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए उपलब्ध है। योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक बोझ कम हुआ है और सार्वजनिक बसों में उनकी भागीदारी बढ़ने से यात्रा वातावरण अधिक सुरक्षित और सहज बना है।