कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सीमा सुरक्षा, लद्दाख-अरुणाचल में कथित क्षेत्रीय नुकसान और गलवान के बाद सरकार के रुख पर सवाल उठाए। रमेश ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 112.6 अरब डॉलर पहुंच गया है। उन्होंने चीन पर बढ़ती आर्थिक निर्भरता को एमएसएमई के लिए नुकसानदायक बताया।

नई दिल्ली (Naren Danu) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने बातचीत के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार चीन के साथ संबंध सामान्य करने की आड़ में देश की क्षेत्रीय अखंडता से समझौता कर रही है। पार्टी ने सीमा सुरक्षा, गलवान के बाद सरकार के रुख, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में कथित रणनीतिक नुकसान तथा चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर प्रधानमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव (संचार) एवं सांसद जयराम रमेश ने रविवार को जारी बयान में कहा कि चीन के साथ संबंध सामान्य करना एक अलग बात है, लेकिन सरकार की ओर से जो रुख सामने आया है, वह उनके अनुसार ‘सोच-समझकर किया गया आत्मसमर्पण’ है।

गलवान के बाद सरकार के रुख पर सवाल

जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि क्या 19 जून 2020 को चीन को दी गई कथित ‘क्लीन चिट’ ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की स्थिति को कमजोर नहीं किया। उन्होंने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन को कथित तौर पर मिली क्षेत्रीय बढ़त को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस नेता का आरोप है कि पूर्वी लद्दाख के बड़े हिस्सों में भारत ने अपने पारंपरिक पेट्रोलिंग और मवेशी चराने के अधिकार खो दिए हैं। वहीं अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी अतिक्रमण, पेट्रोलिंग प्वाइंट्स तक पहुंच खत्म होने और नए गतिरोध की खबरों को लेकर भी उन्होंने सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए।

ब्रह्मपुत्र बांध को बताया पूर्वोत्तर के लिए खतरा

रमेश ने चीन की ओर से भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने की कोशिशों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी के ग्रेट बेंड पर प्रस्तावित मेडोग मेगा-डैम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इससे पूरे पूर्वोत्तर की जल सुरक्षा के सामने गंभीर चुनौती पैदा हो सकती है।

चीन के साथ व्यापार घाटे पर भी घेरा

कांग्रेस ने सीमा विवाद के साथ आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार को घेरा। जयराम रमेश के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 112.6 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

उन्होंने दावा किया कि चीन से बढ़ता व्यापार असंतुलन भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को नुकसान पहुंचा रहा है। कांग्रेस के अनुसार महत्वपूर्ण कच्चे माल, विनिर्माण उपकरणों और इंटरमीडिएट गुड्स के लिए चीन पर भारत की निर्भरता चिंताजनक स्तर तक बढ़ गई है।

‘मेक इन इंडिया’ पर भी निशाना

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘इंपोर्ट फ्रॉम चाइना’ एक ही सिक्के के दो पहलू बन गए हैं। उन्होंने कहा कि चीन पर निर्भरता कम करने और व्यापार घाटे को नियंत्रित करने के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट एवं ठोस रोडमैप दिखाई नहीं देता।

कांग्रेस ने इन तमाम मुद्दों पर प्रधानमंत्री से स्थिति स्पष्ट करने और चीन के साथ संबंधों को लेकर सरकार की रणनीति देश के सामने रखने की मांग की है।