जगरांव नगर परिषद कार्यालय के सार्वजनिक बाथरूमों की बदहाल स्थिति ने स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाथरूमों में गंदगी, जलभराव, टूटी पाइपलाइन और बदबूदार यूरिनल्स के कारण आम लोगों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिषद प्रधान कंवरपाल ने समस्या की जानकारी मिलने के बाद दो दिनों में सफाई और मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है। इससे पहले मामला उनके संज्ञान में नहीं था।

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : ​पूरे शहर को साफ-सुथरा और हरा-भरा रखने का दम भरने वाली नगर परिषद जगरांव के अपने ही घर में स्वच्छता अभियान दम तोड़ता नजर आ रहा है। आलम यह है कि नगर परिषद कार्यालय के भीतर बने सार्वजनिक बाथरूमों की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि वहां चंद मिनट रुकना भी किसी सजा से कम नहीं है।
​ यूटर्न टाइम की पड़ताल और स्थानीय लोगों की शिकायतों के मुताबिक, इन बाथरूमों में गंदगी का साम्राज्य है। फर्श पर जमी बरसों पुरानी मैल, पानी की निकासी ठप होने से फैला गंदा पानी, टूटी हुई पाइपलाइन और बदबूदार यूरिनल्स विभाग के दावों की पोल खोल रहे हैं। रोजाना अपने कामों के सिलसिले में यहां दूर-दराज से आने वाले आम नागरिकों और बुजुर्गों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि इस भयंकर बदबू और गंदगी के बीच संक्रमण व गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

​जल्द करवाएंगे दुरुस्त: परिषद अध्यक्ष
​जब इस बाबत नगर परिषद के प्रधान कंवरपाल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने माना कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। मीडिया द्वारा इस गंभीर समस्या से अवगत कराए जाने पर उन्होंने आभार जताया और सख्त लहजे में कहा, "यह मामला हमारे ध्यान में आते ही हमने तत्काल प्रभाव से एक्शन शुरू कर दिया है। अगले दो दिनों के भीतर इन सभी बाथरूमों की कायापलट कर दी जाएगी। जो भी पाइपलाइन टूटी हैं या अन्य तकनीकी खामियां हैं, उन्हें युद्धस्तर पर ठीक कराया जाएगा।"

​बड़ा सवाल: जब शहर के मुखिया अपने ही दफ्तर के शौचालयों को साफ-सुथरा नहीं रख पा रहे, तो पूरे शहर को स्वच्छ रखने के उनके दावे कितने जमीन पर उतरते हैं, यह जनता भली-भांति समझ रही है।
यहां यह भी गौर तलब है कि इसी नगर परिषद जगरावा के सफाई सेवक और एंटी लारवा टीम स्वास्थ्य विभाग से मिलकर रोज शहर की गंदगी दूर करती है और साफ सफाई रखनी है। लेकिन यहां तो दीऐ तले ही अंधेरा है।