लुधियाना: भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस की एक बैठक भावाधस के मुख्य संचालक वीरेश विजय दानव की अगुवाई में स्थानीय के केंद्रीय कार्यालय स्थानीय नगर निगम ज़ोन-ए के पास हुई। इस बैठक में भावाधस के समूचे पदाधिकारियों द्वारा 24 मई को पंजाबी भवन में सुबह 11 बजे मनाए जा रहे भावाधस के 62वें स्थापना दिवस संबंधी प्रचार सामग्री को रिलीज़ किया। विजय दानव ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी भावाधस का स्थापना दिवस बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा क्योंकि 24 मई 1964 को भावाधस के धर्मगुरु ब्रह्मलीन प्रभु ऋषीनाथ रतनाकर जी द्वारा लुधियाना की धरती पर ही भावाधस की स्थापना की थी और तब से लेकर अब तक भावाधस वाल्मीकि समाज की प्रगति एवं तरक्की के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में वाल्मीकि क़ौम की दशा और दिशा पर चर्चा की जाएगी। इस मौके चौधरी यशपाल, संजय दिशावर, टोनी गहलोत, अश्वनी भील, धर्मवीर मचल, संजीव बेगड़ा, जतिंदर घाटवी, बनारसी राम, संजीव बिट्टू, सुरेश शेली, कनौज दानव, सनी बालू, राज कुमार, बिक्रम विक्की बिरला आदि उपस्थित थे