सीकर: किसानों ने अपनी जमीन बचाने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना और भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने महापड़ाव डालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से अधिग्रहण प्रक्रिया को रोकने और उचित मुआवजा देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने करीब आधे घंटे तक सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा बाद में एडीएम डॉ. रतन कुमार स्वामी को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि प्रशासन तारपुरा एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर लगभग 4,000 बीघा उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित करने की तैयारी कर रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
किसानों ने कहा कि पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट तथा सीमेंट प्लांट जैसी परियोजनाओं के नाम पर उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं। यदि यह अधिग्रहण हुआ तो उनके पास खेती के लिए जमीन नहीं बचेगी और उन्हें पलायन करना पड़ेगा।
सुबह विभिन्न गांवों से निकले किसान काफिले में 34 बसें, 80 ट्रैक्टर, 100 से अधिक गाड़ियां और करीब 100 बाइकें शामिल रहीं। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी आंदोलन में भाग लिया।
किसानों ने अपनी चार प्रमुख मांगों में ग्राम सभा और किसानों की लिखित सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण पर रोक, परियोजनाओं को लेकर सीधा संवाद, अंडरपास डिजाइन पर पुनर्विचार और खेतों के बजाय वैकल्पिक बंजर भूमि का सर्वे शामिल किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एयरपोर्ट परियोजना से गोचर भूमि, गौशाला, मंदिर, सार्वजनिक सुविधाएं और सामाजिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित होगा।