पानीपत (निर्मल सिंह विर्क): यु-टर्न 18 मई । कारवां -ए -अदब शायरों की अदबी संस्था का मासिक साहित्यिक कार्यक्रम किसान फूड जंक्शन ओल्ड कुंजपुरा रोड़ पर आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता कवि कृष्ण कुमार निर्माण ने की, मुख्य अतिथि कवयित्री रोज़लीन रही, विशिष्ट अतिथि स. गुरमुख सिंह वड़ैच रहे। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था संरक्षक प्रसिद्ध व वरिष्ठ कवि डॉ. महावीर प्रसाद शास्त्री के आशीर्वचनों से हुई।
काव्य की शुरुआत करते हुए कवि डॉ महावीर प्रसाद शास्त्री ने कहा ओछे नेताओं के पीछे महाकवि की चादर ओढ़े,इक शायर को देख कलम ये आज रो रही नीले आंसू,अध्यक्षता कर रहे कवि कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा छल रहा है अब आदमी को आदमी,देख उस पर ये आदमी की सादगी, मुख्य अतिथि कवयित्री रोज़लीन ने कहा एक तहदार इन्द्रधनुषी रंगों का फैलाव,जिस पर तिनका भर चांद नवजात शिशु सा मुस्कुराता है, विशिष्ट अतिथि गुरमुख सिंह वड़ैच ने बड़े शायर की ग़ज़ल पेश करते हुए कहा नजरें उठाके देखिए जर्जर मकान पर,जाएगी उम्र ऐसे ही सब की ढलान पर, कवि दलीप खरेरा ने कहा सूरत- ए -हाल ऐसी ,पिघलती हुयी शमा जैसी ,पूछती हैं ख्वाहिशें कहो तबीयत है कैसी, वरिष्ठ शायर इक़बाल पानीपती ने कहा टूट जाता है हालात की चोट से,लाख पत्थर का कर ले जिगर आदमी, वरिष्ठ कवि प्रेम पाल सागर ने कहा बेचते वो मौत का सामान है पगले, खुद को कहते कौम का निगहबान है पगले,युवा शायर रामेश्वर देव ने कहा अब याद करना तुझ को आदत सी हो गई है, इस दिल पे जब तेरी इनायत सी हो गई है, मंच संचालन कर रहे कवि भारत भूषण वर्मा ने कहा आज नशे में डूबता भूषण सभ्य समाज,कौन सुने उपदेश को, खत्म हुई है लाज, कवि नरेश लाभ ने कहा देशभक्ति में कवियों का ,सदा समर्पित प्राण रहा,अनगिन वेदनाएं सही, वीरों का गुणगान किया, वरिष्ठ शायर हरबंस पथिक ने कहा आईने में देखा जो खुद को गौर से, मुझ को हर इंसान अपने आप से बेहतर लगा, युवा शायर धर्मेन्द्र अरोड़ा मुसाफिर ने कहा रोशनी तब मयस्सर हुई,जब अंधेरा घना हो गया, कवि प्रवीण जन्नत ने कहा अड़चनें बनकर रोज़ाना जो आती है
परिस्थितियां,मुकाम तक जाने की राह दिखाती हैं परिस्थितियां, आशीष ताज ने कहा है मसीहा भी मुखालिफ और दवा मेरे खिलाफ,एक ही पल में जमाना हो गया मेरे खिलाफ, करणजीत सिंह मान ने कहा मेरे तलवे घिसे ता उम्र,जिस मंजिल को पाने में,ये दुनिया अक्सर ये कहती हैं,मान तू किस्मत वाला है, कार्यक्रम का आयोजन कवि दलीप खरेरा व कवि स. गुरमुख सिंह वड़ैच ने किया, संचालन कवि भारत भूषण वर्मा ने किया, कार्यक्रम में कवि डॉ आर बी कपूर, कवयित्री अनुजा कपूर, राजपाल रोजडा, ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अंशुल राणा,वीरेंद्र कुमार सहित श्रोताओं ने हिस्सा लिया।कार्यक्रम में संस्था अध्यक्ष डॉ. एस के शर्मा के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।