नई दिल्ली: महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। इसके तहत महिला स्टार्टअप्स को अब 10 करोड़ रुपये तक का कोलैटरल-फ्री लोन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी गारंटी सरकार द्वारा दी जाएगी।
यह जानकारी रेखा गुप्ता ने देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्टार्टअप क्षेत्र में अधिक अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि इस पहल से छोटे और मध्यम स्तर के महिला उद्यमियों को वित्तीय बाधाओं से राहत मिलेगी और वे अपने व्यवसाय को तेजी से विस्तार दे सकेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार शाम उत्तर पश्चिम दिल्ली स्थित यूनिटी वन मॉल, रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास आयोजित दो दिवसीय ‘मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) मेला-2026’ के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार ‘स्वदेशी अपनाओ’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ का विजन देश के सामने रख रहे हैं। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह मेला महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने और उन्हें बाजार से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।
इस अवसर पर सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधायक कुलवंत राणा, उत्तर पश्चिम जिला की डीएम सौम्या सौरभ, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं। मेले का आयोजन उत्तर पश्चिम जिला प्रशासन द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि राजधानी की प्रत्येक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़े, अपना उत्पाद तैयार करे और उसे बाजार तक पहुंचाए। सरकार बैंकों के माध्यम से महिलाओं को आसान ऋण उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है। इस मेले में विभिन्न बैंकों को भी शामिल किया गया, ताकि स्वयं सहायता समूहों की बैंकिंग और वित्तीय पहुंच मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स के लिए 10 करोड़ रुपये तक के कोलैटरल-फ्री लोन (बिना गिरवी ऋण) की व्यवस्था की है, जिसकी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार ले रही है।