चुनाव प्रक्रिया में चूक पर सख्त कार्रवाई, अधिकारी सस्पेंड

शिमला: Himachal Pradesh में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के बीच शिमला जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। चुनाव चिन्ह आवंटन में नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अनुपम कश्यप ने ग्राम पंचायत दलगांव में चुनाव चिन्हों के आवंटन में हुई लापरवाही की जांच के बाद यह कार्रवाई की।

प्रशासन के अनुसार रजनीश चौहान, जो रोहड़ू के समरकोट स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में ग्रुप इंस्ट्रक्टर के पद पर तैनात हैं, को पंचायत चुनाव के लिए ग्राम पंचायत दलगांव का सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। पंचायत चुनाव प्रक्रिया के तहत 15 मई को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने थे, लेकिन जांच में सामने आया कि यह प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के तय नियमों के अनुसार नहीं अपनाई गई।

जिला प्रशासन का कहना है कि चुनाव चिन्हों का आवंटन हिंदी वर्णमाला क्रम और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय क्रम संख्या के आधार पर किया जाना जरूरी था। यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम-42 के तहत निर्धारित है। आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने इन नियमों का पालन नहीं किया और चुनाव चिन्हों का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत किया गया।

प्रशासन ने इसे चुनाव प्रक्रिया में गंभीर प्रक्रियागत त्रुटि और कर्तव्य में घोर लापरवाही माना है। आदेश में कहा गया है कि इस तरह की गलती से चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन पर असर पड़ा और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि पंचायत चुनाव में तैनात अधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग के अधीन कार्य करते हैं और चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में लापरवाही को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-के, सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 और राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त शक्तियों के तहत यह कार्रवाई की गई है।

निलंबन अवधि के दौरान रजनीश चौहान का मुख्यालय खंड विकास अधिकारी कार्यालय, रोहड़ू निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुसार करवाने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनावी ड्यूटी में लगाए गए सरकारी वाहनों को लेकर भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कई विभाग चुनाव कार्य के लिए मांगे गए वाहन समय पर उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं। ऐसे विभागों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि चुनाव कार्य अत्यावश्यक सरकारी कार्य की श्रेणी में आता है और सभी विभागों को वाहन और चालक उपलब्ध करवाना अनिवार्य है।