सूरत: गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया के सूरत सिविल अस्पताल निरीक्षण के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही सामने आने पर सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार का तत्काल प्रभाव से वडोदरा तबादला कर दिया गया।
सरकार ने उनकी जगह डॉ. पारुल वडगामा को सिविल अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अव्यवस्था, प्रबंधन की कमी और मरीजों को मिल रही सुविधाओं में खामियां उजागर हुई थीं, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने सूरत सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों में भारी अव्यवस्था और असंतोषजनक स्थिति मंत्री के संज्ञान में आई। मरीजों की सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक संचालन में पाई गई कमियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई थी।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। राज्य के नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने का स्पष्ट संदेश देते हुए डॉ. धारित्री परमार के तबादले के आदेश गुजरात सरकार के आरोग्य विभाग से जारी कर दिए गए हैं। अस्पताल का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए डॉ. पारुल वडगामा को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सूरत सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और नए प्रभारी सुपरिटेंडेंट क्या सख्त कदम उठाते हैं। सरकार के इस कड़े रवैये से अन्य सरकारी अस्पतालों के प्रशासन में भी हलचल मच गई है।