श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर लोक भवन द्वारा श्रीनगर में सिक्किम राज्य स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र, सुरक्षाकर्मी और केंद्र शासित प्रदेश में निवास कर रहे सिक्किम के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक एकता और विविधता का विशेष संदेश दिया गया, जिसमें देश की विभिन्न परंपराओं और संस्कृतियों के समन्वय को उजागर किया गया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस आयोजन को यादगार बनाया।
उपराज्यपाल ने कहा, “गुरु पद्मसंभव की पवित्र भूमि सिक्किम, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक तेजस्वी सितारे की तरह चमकती है। इसे जैविक खेती, शांति और आध्यात्मिकता के आदर्श के रूप में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है। अविश्वसनीय भाषाई विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सिक्किम को विश्व मंच पर विशिष्ट बनाती है।”
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सिक्किम विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और राष्ट्र के विकास के मार्ग में अग्रणी है।
उपराज्यपाल ने कहा कि सभी भारतीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच साझा भावनात्मक बंधन एकता, करुणा और भाईचारे के मूल मूल्यों में गहराई से निहित है।
उपराज्यपाल ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि जुलाई 2022 में जम्मू-कश्मीर-सिक्किम के बीच हुए ऐतिहासिक बागवानी समझौते ने दोनों क्षेत्रों के युवाओं, किसानों और शोधकर्ताओं के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने में अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं।