होशियारपुर: पिछले दिन निकटवर्ती गांव चक्क समाणा में एक बच्चे के बोरवेल में गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, डिप्टी कमिश्नर ने शनिवार को जिले भर में खुले छोड़े गए बोरवेलों की तुरंत पहचान करने और उन्हें सही ढंग से ढकने व ऊपर से बंद करने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। यह सर्वेक्षण अगले सात दिनों के अंदर पूरा किया जाएगा।
आदेशों के अनुसार, खुले और ऐसे ही छोड़े गए बोरवेल मानव जीवन खासकर बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने सभी सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएमज) तहसीलदारों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीपीओज) नगर परिषदों, नगर कमेटियों और नगर पंचायतों को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों सहित अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सभी ऐसे बोरवेलों की तुरंत पहचान करने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के तहत जारी किए गए इन आदेशों में तुरंत प्रभाव से पालन करने के लिए विस्तृत हिदायतें दी गई हैं।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि पहचान प्रक्रिया के दौरान चिन्हित किए गए सभी खुले और छोड़े गए बोरवेलों को तुरंत कवर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी खुले बोरवेल को किसी भी स्थिति में अनदेखा या खुला नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे वह कृषि भूमि, आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों, खाली प्लॉटों या सार्वजनिक स्थानों पर स्थित हो।
संबंधित एजेंसियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लाइन विभाग और एजेंसियां पूरी चौकसी के साथ इन हिदायतों को लागू करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में सभी एसडीएम और तहसीलदार पालन सुनिश्चित करने के लिए फील्ड कोऑर्डिनेटर होंगे, जबकि पंजाब जल आपूर्ति और स्वच्छता अधिकारी ऐसे बोरवेलों की पहचान करेंगे। इसी प्रकार कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में बोरवेलों का सर्वेक्षण करेंगे और पंचायती राज विभाग/बीडीओ गांव स्तर पर सर्वेक्षण सुनिश्चित करेंगे। गांवों के सरपंच और ग्राम पंचायतें भी ऐसी जगहों की तुरंत पहचान कर संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगी।
शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और परिषदों को अपने क्षेत्र के अंदर ऐसे बोरवेलों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि निगम, नगर कमेटियां और नगर पंचायतें ऐसी जगहों की तुरंत पहचान करेंगी। पंजाब शहरी विकास प्राधिकरण (पुडा) शहरी एस्टेट और विकास क्षेत्रों में पहचान करेगा, जबकि पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड शहरी बोरवेलों की पहचान करेगा। औद्योगिक इकाइयां अपने कॉम्प्लेक्स में बोरवेलों की रिपोर्टिंग कर उन्हें सुरक्षित रखेंगी।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पंजाब पुलिस ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में इन आदेशों के क्रियान्वयन और पालन में पूरा सहयोग देगी।
बोरवेल मालिकों के लिए निर्देश देते हुए डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों के सभी निजी बोरवेल मालिक, किसान, संस्थाएं, हाउसिंग सोसाइटियां और औद्योगिक इकाइयां यह सुनिश्चित करें कि उनके बोरवेल हर समय सही ढंग से ढके हुए और सुरक्षित रहें। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम, नगर परिषदों और नगर कमेटियां अगले सात दिनों के अंदर इस संबंध में रिपोर्ट देंगी, जिसमें सर्वेक्षण किए गए बोरवेलों की कुल संख्या (ग्रामीण और शहरी अलग-अलग), खुले/छोड़े गए बोरवेलों की संख्या, सील/ढके गए बोरवेलों की संख्या के अलावा लंबित मामलों के कारण भी बताए जाएंगे।
इन आदेशों की पालना में लापरवाही करने वाला कोई भी व्यक्ति, एजेंसी या विभाग आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और अन्य लागू कानूनों व आदेशों के अनुसार दंडनीय कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होगा।
वर्णनीय है कि सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं कि सभी खुले बोरवेलों को ढकना और सुरक्षित करना अनिवार्य है।