कुरुक्षेत्र (परमिंदर सिंह) : सीनियर फिजिशियन एवं डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. अनेजा ने विश्व उच्च रक्तचाप दिवस में विश्व उच्च रक्तचाप लीग द्वारा इस दिवस के अवसर पर डॉ. अनेजा द्वारा विशेष अभियान चलाया गया और बताया कि विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 2026, हर साल 17 मई 2026 को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य "मूक हत्यारे" कहे जाने वाले उच्च रक्तचाप के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष का मुख्य विषय "उच्च रक्तचाप को मिलकर नियंत्रित करें और नियमित रूप से अपने रक्तचाप की जांच करें, इस मूक हत्यारे को हराएं ।
यह दिन रोकथाम, जल्दी पता लगाने और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से रक्तचाप प्रबंधन को बढ़ावा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में 1.5 अरब से अधिक लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं जिसमें 50% से अधिक लोग अपनी स्थिति से अनजान हैं ।यह निम्नलिखित का एक प्रमुख कारण है जैसे कि असमय मौत और हृदय रोग। डॉ. अनेजा ने बताया कि हाइपरटेंशन को आम बोलचाल में हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है क्यूंकि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त वाहिकाओं (धमनियों) की दीवारों पर रक्त का दबाव लगातार सामान्य से अधिक बना रहता है ,ब्लड प्रेशर को दो संख्याओं जैसे- 120/80 mmHg के रूप में मापा जाता है , सिस्टोलिक यानि कि यह तब का दबाव होता है जब दिल धड़कता है और खून पंप करता है और डायस्टोलिक जो यह दिल की धड़कनों के बीच, आराम करने के दौरान का दबाव होता है, सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 या इससे कम माना जाता है। यदि यह 130/80 mmHg से लगातार ऊपर रहता है, तो इसे हाइपरटेंशन की श्रेणी में गिना जाता है।
हाइपरटेंशन के मुख्य कारण है तनाव और खराब जीवनशैली, अधिक समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी, आहार में जैसे कि अत्यधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और वसायुक्त भोजन का सेवन, मोटापा और अधिक वजन होना या बढ़ती उम्र,यदि परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो।उक्त रक्तचाप इसे अक्सर "साइलेंट किलर" (खामोश हत्यारा) कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, अधिक बढ़ने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि सिरदर्द (विशेषकर सुबह के समय) चक्कर आना, सांस फूलना सीने में दर्द ,आंखों से धुंधला दिखाई देना । डॉ. अनेजा ने बताया कि इसके बचाव और नियंत्रण में आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर हाइपरटेंशन को नियंत्रित कर सकते हैं जैसे कि अपने आहार में नमक की मात्रा कम करें, नियमित रूप से व्यायाम या सैर करे , हरी सब्जियां, फल और फाइबर से भरपूर भोजन खाएं, तनाव कम करने के लिए योग या मेडिटेशन करे, धूम्रपान और शराब का सेवन सीमित करें।