​कक्षा 3 से 8वीं तक के छात्रों ने तार्किक क्षमता और नवाचार से जीता सबका दिल

जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : विद्यार्थियों के भीतर छिपी जिज्ञासा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को उड़ान देने के लिए स्थानीय जी.एच.जी. अकादमी में एक भव्य 'साइंस ओलंपियाड' का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा तीसरी से लेकर आठवीं तक के नन्हे वैज्ञानिकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी कुशाग्र बुद्धि का लोहा मनवाया। यह आयोजन युवा प्रतिभाओं के लिए अपनी वैज्ञानिक समझ, तार्किक सोच और समस्या-समाधान की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच साबित हुआ।

​चुनौतीपूर्ण सवालों के बीच दिखा गजब का आत्मविश्वास: ​ओलंपियाड के दौरान छात्रों का आत्मविश्वास देखने लायक था। विज्ञान, जटिल तर्कशक्ति (रीजनिंग) और सामान्य जागरूकता पर आधारित कठिन और घुमावदार प्रश्नों का विद्यार्थियों ने बड़ी ही चतुराई और दृढ़ संकल्प के साथ सामना किया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान से परे जाकर बच्चों में एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण (साइंटिफिक टेम्परामेंट) विकसित करना और उनकी मौलिक समझ को मजबूत करना था।

​उत्साह से गूंज उठा स्कूल परिसर: ​प्रतियोगिता को लेकर छात्रों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और उत्साह का माहौल था। हर प्रतिभागी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह समर्पित नजर आया। विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों की इस सक्रिय भागीदारी और उनके शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की।

​"विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन को देखने का नज़रिया है। हमारे बच्चों ने आज जिस रचनात्मकता और जिज्ञासा का परिचय दिया है, वह यह साबित करता है कि आने वाला कल इन्हीं बाल वैज्ञानिकों का है।"-प्रिंसिपल ग्रेवाल

​प्रिंसिपल रमणजोत कौर ग्रेवाल ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह खोजपरक बने रहने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही, स्कूल प्रबंधन ने भी इस पूरे आयोजन को बेहद सुचारू और सफल बनाने के लिए शिक्षक वर्ग और स्टाफ सदस्यों की पीठ थपथपाई।
​यह साइंस ओलंपियाड केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक और समृद्ध शैक्षणिक अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें भविष्य में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने का हौसला दिया है।