लूधिआना (अशोक सहगल) : अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने वाले लोगों जिम जाने के शौकीन रंगरूट पहलवानो को लुभाने के लिए बाजार में कई तरह के फूड सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की भरमार है पर जिनका सेवन करके बहुत बार लोग बीमार पड़ जाते हैं इसलिए इनकी रेगुलर जांच की आवश्यकता है इसी क्रम में आज जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा आशीश चावला की अगुवाई में फूड सेफ्टी टीम द्वारा जिले में फूड सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद बेचने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाना तथा गैर-मानक या संदिग्ध उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना था।
जांच के दौरान फूड सेफ्टी टीम ने फूड सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों की बिक्री करने वाली दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की गहन जांच की। इस दौरान डाइटरी सप्लीमेंट (प्री वर्कआउट) और फूड सप्लीमेंट (एनाबॉलिक लिवर सपोर्ट) के 2 सैंपल लिए गए। इसके अतिरिक्त उपलब्ध स्टॉक में से प्री वर्कआउट की 18 यूनिट और एनाबॉलिक लिवर सपोर्ट की 21 यूनिट कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर की सुपुर्दगी में सीज कर दी गई गईं।
डॉ आशीष चावला ने आगे बताया कि
इसके अलावा गिल रोड स्थित प्रतिष्ठानों से न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों के 2 अन्य सैंपल लिए गए, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा गया।
मछीवाड़ा क्षेत्र में भी दी दबिंश सैंपल लिए फूड सेफ्टी टीम ने माछीवाड़ा क्षेत्र में डेयरियों और किराना स्टोरों की जांच के दौरान घी और बेसन के सैंपल लिए। इसी तरह क्षेत्र में वनस्पति और मसल मास गेनर के सैंपल भी एकत्र किए गए।
सभी सैंपल सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि कोई उत्पाद गैर-मानक, मिथ्या ब्रांडेड या उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया तो संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटरों के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डेजिग्नेटेड अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने कहा, “जिले में फूड सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल स्टोरों की विशेष चेकिंग मुहिम लगातार जारी रहेगी ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।