शिमला जिले में पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में निर्विरोध जीत

Shimla: शिमला जिले में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान 42 ग्राम पंचायतों का निर्विरोध चयन हुआ है। इन पंचायतों में किसी भी पद के लिए एक ही उम्मीदवार होने के कारण चुनाव की आवश्यकता नहीं पड़ी।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित पंचायतों में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोई मुकाबला नहीं बचा, जिससे सभी उम्मीदवार निर्विरोध घोषित किए गए। यह स्थिति स्थानीय स्तर पर आपसी सहमति और समन्वय का संकेत मानी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार चौपाल विकास खंड में सबसे ज्यादा 10 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें खद्दर, बिजमल, कुटाह, क्यारी (शिलान), बाघर (चौकी), सराहन, पंद्राड़ा, जवाग चमरोग, लच्छोग और बोहर पंचायतें शामिल हैं। इसके बाद छौहारा विकास खंड में 7 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें अम्बोई, खशाली, धमवारी, दियुड़ी-मायला, पेखा, रणोल और थाना पंचायत शामिल हैं।

ठियोग विकास खंड में भी 7 ग्राम पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। इनमें बलग, रौणी मतियाना, भोगड़ा-पल्ली, घूंड, क्यारा, ग्वाही स्थित देवी मोड़ और मुंडू पंचायतें शामिल हैं। रोहड़ू विकास खंड में 5 पंचायतों में मुकाबला नहीं हुआ। यहां करचाड़ी, पुजारली-3, जगोठी, मुंचारा और अंतापू-बटाड़ी पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं।

कोटखाई विकास खंड में गुम्मा, थरोला और घुंडा बढ़ेच पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं, जबकि कुपवी विकास खंड में चुरायन डाक-श्राड़, मलाट और बाग धमराह पंचायतों में उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत गए हैं। बसंतपुर विकास खंड की मंडयालू और हिमरी पंचायतें भी निर्विरोध चुनी गई हैं।

इसके अलावा रामपुर विकास खंड की बढ़ाहल और कूट पंचायत, नारकंडा विकास खंड की शालोंठा पंचायत, ननखड़ी विकास खंड की शोली पंचायत और जुब्बल विकास खंड की भोलाड़ पंचायत में भी चुनाव नहीं हुआ और उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।

जिला प्रशासन के अनुसार यह सूची विकास खंडों से टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पंचायत चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और जांच के बाद अब कई क्षेत्रों में मुकाबले की तस्वीर साफ होने लगी है।