राजस्व लोक अदालतों से लोगों को मिलेगी राहत

चंडीगढ़: हरियाणा में जमीनी विवादों के त्वरित समाधान के लिए राजस्व लोक अदालतें शुरू की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य लंबित मामलों का जल्द निपटारा कर आम लोगों को राहत पहुंचाना है।

अधिकारियों के अनुसार, इन लोक अदालतों में जमीन से जुड़े विवादों—जैसे सीमांकन, कब्जा और रिकार्ड संबंधी मामलों—को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। इससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर जिले में राजस्व लोक अदालतें लगाई जाएं और उपायुक्त, एसडीएम व तहसीलदार विवादित पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समयबद्ध ढंग से समाधान करवाएंगे।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राजस्व संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान के लिए विभाग द्वारा डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि विवादों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा सके। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि विवादों के तीव्र समाधान के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत की तर्ज पर राजस्व लोक अदालत लगाई जाएं जिसमें संबंधित अधिकारी दोनों पक्षों की आपसी सहमति से विवादों का समाधान करवाएं।

इसके लिए सभी जिलों में पटवारियों के माध्यम से लोगों को सूचित व जागरूक किया जाए और उपायुक्त, एसडीएम तथा तहसीलदार लक्ष्य निर्धारित कर भू-विवादों का समाधान करवाएं ताकि आमजन को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में परंपरागत तरीकों से अलग हटकर नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की जाएं ताकि आमजन को सभी सरकारी सेवाएं पारदर्शी व सरल तरीके से मिल सकें।

उन्होंने कहा कि सभी नव-नियुक्त पटवारियों के लिए लैपटॉप व टेबलेट की खरीद की जाए और हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं ताकि सभी पटवारी डिजिटल माध्यम से सेवाएं दे सकें। पटवारियों को नई तकनीक व राजस्व कार्यों में पारंगत करने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी खोला जाए।