रेखा गुप्ता ने जनभागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

नई दिल्ली: रेखा गुप्ता ने राजधानी के विधायकों से ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाने और देश के विकास में हर व्यक्ति की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने विधायकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएं और लोगों को इससे जोड़ें।

मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएं और लोगों को ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कारपूलिंग तथा जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विधायक स्वयं भी उदाहरण प्रस्तुत करें। ‘मेट्रो मंडे’ पहल के तहत विधायक सप्ताह में एक दिन मेट्रो से यात्रा करें ताकि आम नागरिक भी प्रेरित हों। उन्होंने विधायकों से अपने काफिलों को सीमित करने, वाहनों का कम उपयोग करने तथा ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाओं, मार्केट एसोसिएशन, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों के बीच जाकर दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह 90 दिवसीय जनजागरूकता अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सामूहिक भागीदारी का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू की जा रही है। निजी संस्थानों और कंपनियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि दिल्ली सरकार ने संकट की घड़ी में जो निर्णय लिए हैं, उसकी जानकारी आमजन तक भी पहुंचनी चाहिए ताकि वे भी उन पर अमल करें। सरकार के इन निर्णयों के तहत हर सोमवार ‘मेट्रो मंडे’ मनाया जाएगा तथा सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अगले छह महीने तक नया पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड वाहन नहीं खरीदने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच निर्धारित किया गया है ताकि बिजली की बचत सुनिश्चित की जा सके।