पानीपत (निर्मल सिंह विर्क ) : जिले में वीरवार को जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग और सुरक्षा बलों के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आईओसीएल और समालखा क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का गहन परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक या औद्योगिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता को परखना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कंट्रोल रूम से पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आईओसीएल प्वाइंट का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुरक्षा इंतजामों, राहत कार्यों तथा बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आपदा की स्थिति तैयार की गई, जिसमे व्यापक परिस्थितियों को दर्शाया गया। जैसे ही सायरन बजा, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा संगठन और प्रशासनिक टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। राहत एवं बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
अग्निशमन विभाग की टीम और स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और मेडिकल टीमें घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराती नजर आईं। पुलिस विभाग ने आसपास के क्षेत्र को यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया । इस दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए लोगों को जागरूक करने और अफवाहों से बचने की अपील की।