चुनौतियों को हराकर वंशिका ने रचा नया इतिहास

चंडीगढ़ (अजीत झा.) : आंखों से दुनिया भले साफ दिखाई नहीं देती, लेकिन सपने बिल्कुल स्पष्ट हैं। सेक्टर-26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड सेक्टर-26 की छात्रा वंशिका ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंक हासिल कर न सिर्फ संस्थान में टॉप किया, बल्कि यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। हरियाणा के करनाल की रहने वाली वंशिका दृष्टिबाधित हैं और पहली कक्षा से ही इंस्टीट्यूट में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।

वंशिका का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करने का है। उसने बताया कि दसवीं कक्षा में भी उसने 96 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, लेकिन इस बार उसने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पहले से ज्यादा मेहनत की।

वंशिका ने कहा कि उसे समाज के लिए काम करना अच्छा लगता है और प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा संस्थान के पूर्व निदेशक एवं आईएएस अधिकारी रूपेश कुमार से मिली। उसने बताया कि आईएएस अधिकारी समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए लोगों के लिए नई सुविधाएं और बेहतर व्यवस्थाएं लागू करते हैं और वह भी भविष्य में ऐसा ही करना चाहती है।

वंशिका के पिता ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी तीन बेटियां हैं, लेकिन वंशिका का पढ़ाई की ओर विशेष झुकाव हमेशा से रहा है। उन्होंने कहा कि बेटी जिस विषय में आगे पढ़ाई करना चाहेगी और जिस कोचिंग की जरूरत होगी, परिवार हर संभव सहयोग करेगा।

इसी संस्थान की छात्रा सैमा ने भी 93.4 प्रतिशत अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। अंबाला कैंट की रहने वाली सैमा को संगीत में विशेष रुचि है और वह आगे कॉलेज में म्यूजिक या आर्ट्स विषय में पढ़ाई करना चाहती है।

सैमा ने बताया कि उसके दसवीं कक्षा में भी 90 प्रतिशत से अधिक अंक आए थे और वह आगे भी मेहनत जारी रखेगी। उसने कहा कि उसके पिता मजदूरी करते हैं, इसलिए वह पढ़ाई के साथ-साथ काम भी करना चाहती है ताकि परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो और वह प्रशासनिक सेवा की तैयारी जारी रख सके।

संस्थान के शिक्षकों ने दोनों छात्राओं की उपलब्धि को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद इन छात्राओं ने जो सफलता हासिल की है, वह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी मिसाल है।