चंडीगढ़: पेट्रोल, डीजल और सोने की बढ़ती कीमतों के बीच अब सड़क निर्माण कार्यों पर भी महंगाई की मार साफ दिखाई देने लगी है। बिटूमिन और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण हरियाणा में करोड़ों रुपये के सड़क निर्माण और री-कारपेटिंग कार्य प्रभावित हो गए हैं। हरियाणा पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार से विशेष राहत पैकेज और कॉन्ट्रैक्ट रेट में संशोधन की मांग उठाई है।
हरियाणा पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जैन ने कहा कि प्रदेश में सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की लागत लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते कई प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में करीब 2700 करोड़ रुपये के रोड री-कारपेटिंग कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे, जिनमें से लगभग 1200 करोड़ रुपये के कार्य पूरे हो चुके हैं।
अशोक जैन के अनुसार बाकी बचे करीब 1500 करोड़ रुपये के कार्य अब संकट में हैं, क्योंकि बिटूमिन और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने से लागत लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में पुराने रेट पर काम जारी रखना ठेकेदारों के लिए संभव नहीं रह गया है।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेगी और इसके बाद हरियाणा सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
एसोसिएशन ने सरकार से विशेष राहत पैकेज, कॉन्ट्रैक्ट रेट में संशोधन और परियोजनाओं के लिए कम से कम एक वर्ष की अतिरिक्त समय सीमा देने की मांग की है। ठेकेदारों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो सड़क निर्माण और री-कारपेटिंग के कई कार्य पूरी तरह ठप हो सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों और ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ेगा।