"पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित राज्य स्तरीय किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भविष्य की खेती के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को एक क्रांतिकारी मोड़ करार दिया और कहा कि पारंपरिक खेती अपनी सीमाओं तक पहुँच चुकी है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप अनिवार्य है।

"पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित राज्य स्तरीय किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भविष्य की खेती के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को एक क्रांतिकारी मोड़ करार दिया और कहा कि पारंपरिक खेती अपनी सीमाओं तक पहुँच चुकी है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए तकनीकी हस्तक्षेप अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ गन्ना उत्पादकों को ₹416 प्रति क्विंटल का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है और नहरों के आधुनिकीकरण पर पिछले वर्षों के मुकाबले 300% अधिक खर्च करके सिंचित क्षेत्र को 20.90 लाख एकड़ से बढ़ाकर 58 लाख एकड़ कर दिया गया है। कृषि के साथ-साथ बागवानी और महिला कल्याण पर जोर देते हुए उन्होंने ₹1300 करोड़ के जेआईसीए (JICA) प्रोजेक्ट और 13 अप्रैल से शुरू होने वाली 'मावां-धियां सत्कार योजना' का जिक्र किया, जिसके तहत महिलाओं को ₹1000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1500 मासिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं और बादल परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'पुराना और आदतन झूठा' बताया और आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के लालच और गलत नीतियों ने पंजाब के संसाधनों को बर्बाद किया, जबकि उनकी सरकार पारदर्शी शासन और सुधारवादी नीतियों के जरिए पंजाब को फिर से एक समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"