नई दिल्ली: दिल्ली को एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। यह बात रेखा गुप्ता ने कही।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को पर्यटन हितधारक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में पर्यटन, आतिथ्य, विरासत, आध्यात्मिक, डिजिटल, मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म, नाइट टूरिज्म और दिल्ली की ब्रैंड पोजिशनिंग जैसे अहम विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को अब केवल ट्रांजिट हब के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में दिल्ली के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक सुनील अंचिपाका सहित पर्यटन व अन्य क्षेत्रों से जुड़े कई विशेषज्ञ भी शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी से कई ठोस और उपयोगी सुझाव सामने आए हैं। इन सुझावों और फीडबैक को आगामी नीतियों और योजनाओं में शामिल किया जाएगा ताकि दिल्ली के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा दी जा सके और इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली का वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व है। भारत आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक प्रमुख आकर्षण बन सकती है। अब समय आ गया है कि दिल्ली को केवल एक गुजरने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसी डेस्टिनेशन सिटी के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटक ठहरें, अनुभव लें और बार-बार लौटकर आएं।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां संसद, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे प्रतिष्ठित शक्ति केंद्र स्थित हैं। साथ ही लाल किला, कुतुब मीनार सहित समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृति और देशभर की झलक तथा दिल्ली का अनूठा और विविधतापूर्ण खानपान इसे एक सम्पूर्ण पर्यटन अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार राजधानी की सकारात्मक ब्रैंडिंग पर विशेष जोर दे रही है ताकि इसे पर्यटन के साथ-साथ चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि देश और दुनिया भर से अधिक से अधिक लोग दिल्ली आएं, यहां ठहरें और यहां के अनुभवों को अपने साथ लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार बड़े कॉन्सर्ट, फिल्म फेस्टिवल और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा दे रही है, जिससे दिल्ली की वैश्विक पहचान मजबूत हो रही है। साथ ही फिल्म नीति और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) द्वारा पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। डीटीटीडीसी ने अगोडा, मेक माई ट्रिप फाउंडेशन और सभ्यता फाउंडेशन के साथ साझेदारियां की हैं, जो डिजिटल इनोवेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, अवसंरचना विकास और सतत पर्यटन को बढ़ावा देंगी। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और यह सम्मेलन राजधानी के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से दिखाई देंगे।
दिल्ली के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को एक विश्वस्तरीय पर्यटन हब बनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। दिल्ली टूरिज्म बोर्ड के गठन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था, प्रमुख प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण, यूनिटी मॉल के निर्माण और दिल्ली की विरासत, संस्कृति व खानपान को एकीकृत कर नए पर्यटन अनुभव विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली को एक विशिष्ट वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाया जाएगा, ताकि बदलते भारत का चेहरा दिल्ली बने।
कपिल मिश्रा के अनुसार सम्मेलन के दौरान प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को आगामी नीतियों और योजनाओं में शामिल किया जाएगा, ताकि दिल्ली को पर्यटन, संस्कृति और आतिथ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।