"डिजिटल सुरक्षा पर फोकस, पुलिस ने बुजुर्गों को ड्यूल OTP की दी जानकारी"

पंचकूला: साइबर अपराधों पर रोक लगाने और खासकर बुजुर्गों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सेक्टर-5 थाना में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान हरियाणा पुलिस की नई पहल ‘ड्यूल ओटीपी सिस्टम’ की विस्तृत जानकारी दी गई।

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रुपेश चौधरी ने बताया कि यह प्रणाली “डिजिटल अरेस्ट” जैसे बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने में कारगर साबित होगी। इसके तहत किसी भी बैंकिंग लेन-देन के दौरान ओटीपी केवल खाताधारक को ही नहीं, बल्कि उसके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन—जैसे बेटा, बेटी या अन्य सदस्य—को भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के बाद ही ट्रांजेक्शन पूरा होगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही खाताधारकों के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट तय करने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है, ताकि अनधिकृत लेन-देन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस सिस्टम को लागू करने के लिए आरबीआई और विभिन्न बैंकों के साथ समन्वय कर योजना तैयार की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, निवेश धोखाधड़ी और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक और अनजान मैसेज से सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

कार्यक्रम के अंत में विशेष रूप से बुजुर्गों से साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने और अपने परिवार को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया, ताकि सामूहिक प्रयासों से साइबर ठगी के खिलाफ मजबूत सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सके।