जीरकपुर: शुक्रवार देर रात जीरकपुर में उस समय हड़कंप मच गया, जब निहंग सिंहों और समाजसेवियों ने कथित तौर पर होटलों में चल रहे अवैध देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। कोमी इंसाफ मोर्चा के मनिंदर सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई कालका-शिमला हाईवे पर स्थित कुछ होटलों में की गई।
मौके पर पहुंचे संगठन के सदस्यों ने होटलों में चल रही गतिविधियों का विरोध किया और आरोप लगाया कि यहां लंबे समय से अवैध धंधे संचालित हो रहे हैं। मनिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से समय पर सख्ती न होने के कारण ऐसे कारोबार लगातार फल-फूल रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ। टीम ने करीब 8 युवतियों को वहां से रेस्क्यू करवाया, जिन्हें कथित तौर पर इस धंधे में फंसाया गया था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस के मौके पर पहुंचने पर निहंग सिंहों ने होटल संचालकों और मैनेजर समेत चार लोगों को उनके हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसमें और कौन-कौन शामिल है।
घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध धंधों पर स्थायी रोक लगाने के लिए नियमित जांच और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई: करीब दो महीने पहले कालका-शिमला हाईवे पर स्थित कई होटलों पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया था। इनमें होटल गिन्नी, संगम और होटल हरियाणा समेत कई होटल शामिल थे। आरोप है कि दोबारा खुलने के बाद इन होटलों में फिर से अवैध गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और समाजसेवियों में रोष है।
“यह होटल पहले सील कर दिए गए थे। होटल संचालकों ने हाई कोर्ट से अनुमति लेकर इन्हें दोबारा खोल लिया है। लेकिन यदि अब फिर से यहां गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं, तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जरूर की जाएगी। रात को जो मामला सामने आया है, उसमें हमने दोनों पक्षों को बुलाया है। सबूतों के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
-ग़ज़लप्रीत कौर, एएसपी, जीरकपुर