"CM फ्लाइंग की दबिश से अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप"

Sonipat: जिले के खरखौदा क्षेत्र में बिना किसी वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन और अनुमति के चल रहे पीसी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को शनिवार को सीएम फ्लाइंग स्क्वाड और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर पूरे मामले का खुलासा किया। मौके पर मरीज भर्ती मिले, दवाइयां रखी मिलीं और लैब भी चलती पाई गई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी लापरवाही सामने आई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिससे साफ हुआ कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहा था। जांच में सामने आया कि गांव पाई निवासी अनिल अस्पताल चला रहा था, जिसने बारहवीं के बाद जीएनएम नर्सिंग का कोर्स किया हुआ है। अस्पताल चलाने के लिए उसके पास कोई वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन या जरूरी दस्तावेज मौके पर नहीं मिले।

छापेमारी के दौरान गांव निलोठी की एक महिला मरीज सांस की बीमारी के कारण भर्ती मिली। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था और मरीजों का इलाज अनट्रेंड स्टाफ कर रहा था। टीम को मौके पर पांच अन्य कर्मचारी भी मिले, जिनके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण नहीं था।

अस्पताल में एक लैब भी चल रही थी, जहां कई तरह के टेस्ट किए जा रहे थे। जांच में पता चला कि लैब दीपक चला रहा था, जो राठधाना निवासी सुनील के लाइसेंस का इस्तेमाल कर रहा था। अस्पताल में बिना अनुमति दवाइयां रखी गई थीं और मरीजों से इलाज के दौरान ही दवाइयों और फीस के पैसे वसूले जा रहे थे। पूरा काम बिना नियम-कानून के किया जा रहा था, जिससे मरीजों की जान को खतरा बना हुआ था।

जानकारी के अनुसार यह अस्पताल वर्ष 2021 से चल रहा था और करीब 40 हजार रुपये मासिक किराये पर बिल्डिंग ली गई थी। सीएम फ्लाइंग टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पुलिस को सूचना दे दी है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। अस्पताल को सील करने और दवाइयों सहित अन्य सामान जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक धीरज ने बताया कि अनट्रेंड स्टाफ द्वारा इलाज करना बेहद खतरनाक है और इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। छापेमारी में सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सीआईडी, सब इंस्पेक्टर राजेश, ड्रग्स इंस्पेक्टर मुनीराम और सिविल अस्पताल के चिकित्सक धीरज सहित अन्य अधिकारी छापामार कार्रवाई में शामिल रहे। मामले की जांच जारी है और आगे सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।