PCS अधिकारियों पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, अनिवार्य परीक्षा पास न करने पर घटाया गया पद

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने अनिवार्य विभागीय परीक्षा पास न करने पर दो पीसीएस अधिकारियों को पदोन्नति के बाद पदावनत कर दिया है। प्रभावित अधिकारियों में प्रोमिला और अमरदीप सिंह शामिल हैं। दोनों को अब अपने मूल विभागों में पूर्व पदों पर सेवाएं देनी होंगी।

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, प्रोमिला को फरवरी 2021 में सामान्य प्रशासन विभाग में निजी सचिव के पद से पदोन्नत कर पीसीएस बनाया गया था। नियमों के तहत उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर सिविल सेवा (विभागीय परीक्षा) नियम, पंजाब-2014 के अनुसार विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी।

उन्हें अगस्त 2021, फरवरी 2022, अक्टूबर 2022 और मई 2023 में परीक्षा देने के चार अवसर प्रदान किए गए, लेकिन वह किसी भी प्रयास में सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद दिसंबर 2023 और जून 2024 में दो विशेष (मर्सी) अवसर भी दिए गए, फिर भी वे परीक्षा पास नहीं कर पाईं। इसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में जिला राजस्व अधिकारी के पद से पदोन्नत कर पीसीएस बनाया गया था। उन्हें भी अनिवार्य विभागीय परीक्षा पास करने के लिए अक्टूबर 2022, मई 2023, दिसंबर 2023 और जुलाई 2024 में चार अवसर दिए गए, लेकिन वे चारों बार परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए।

सरकारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में अमरदीप सिंह को निलंबित भी किया गया था। अब उन्हें भी राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग में अपने मूल पद पर वापस भेज दिया गया है।

पंजाब सरकार के इस निर्णय को विभागीय नियमों के सख्त अनुपालन के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संदेश गया है कि पदोन्नति के बाद निर्धारित योग्यता और विभागीय परीक्षाएं पूरी करना अधिकारियों के लिए अनिवार्य है।