जयपुर: मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि निम्नस्तरीय निर्माण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और अपव्यय किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क अवसंरचना को मजबूत, सुरक्षित और व्यापक बनाने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़क परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी की जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जालौर-झालावाड़, श्रीगंगानगर-कोटपूतली और अजमेर-बांसवाड़ा के बीच बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जयपुर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से की योजना पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत ढांचे का विकास राज्य की आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार है। सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक गांव और कस्बे को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ते हुए आवागमन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाना है। उन्होंने सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और विस्तार कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान सरकार के दो वर्ष पांच माह के कार्यकाल में 33,195 करोड़ रुपये की लागत से 48,748 किलोमीटर लंबाई में सड़क विकास कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें 17,934 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण तथा 1,756 गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ना शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार इसी अवधि में 6,184 किलोमीटर लंबाई की अन्य जिला एवं ग्रामीण सड़कों को मुख्य जिला सड़कों में क्रमोन्नत किया गया है, जबकि 378 किलोमीटर लंबाई में अटल प्रगति पथों का निर्माण कर 256 गांवों में संपर्क सुविधा मजबूत की गई है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भरतपुर जिले में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, सड़कों के चौड़ीकरण, खेल सुविधाओं के विकास, पार्कों के उन्नयन और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।