चंडीगढ़: हरियाणा में करीब 24 वर्ष बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ए. श्रीनिवास ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और अभियान को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीईओ ने मतदाता सूची मैपिंग की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। राज्य में अब तक 64.26 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा हुआ है, जबकि फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला जैसे जिलों में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने इन जिलों में आरडब्ल्यूए के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि ‘गणना फॉर्म’ 5 जून 2026 से हिंदी भाषा में वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। जिन घरों से फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां बीएलओ कम से कम तीन बार दौरा करेंगे और पड़ोसियों से जानकारी लेकर अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान करेंगे।
सीईओ ने यह भी बताया कि प्रारंभिक सूची में शामिल न होने वाले मतदाताओं की बूथवार सूची सार्वजनिक स्थलों और वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही कारण भी दर्ज किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य में अंतिम बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में हुआ था। वर्तमान में हरियाणा में कुल 2.06 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता और 20,629 मतदान केंद्र हैं। फतेहाबाद जिला 87.44 प्रतिशत मैपिंग के साथ राज्य में सबसे आगे है।