पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : हांगकांग में आयोजित अंडर-20 जूनियर एशियन गेम्स चैंपियनशिप में महिला वर्ग की 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पानीपत के नन्हेड़ा गांव मे पहुंचने पर पावटी कलां की निपम चौहान का जोरदार स्वागत किया । निपम चौहान ने अंतर राष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाते हुए इतिहास रचा । उनकी जीत के बाद उनके मामा के गांव नन्हेड़ा में निपम चौहान का ग्रामीणों ने सम्मान किया गया । इस अवसर पर यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रत्न सिंह रावल एडवाकेट ने उनका जोरदार स्वागत किया और ढोल बाजो के साथ यमुना बार्डर से गांव नन्हेड़ा तक लेकर पहुंचे। यहां स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर यमुना सुधार समिति के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रतन सिंह रावल ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि हमारे गांव की भांजी ने पूरी दुनिया में अपने गांव और ननिहाल का नाम रोशन किया है हमें अपनी बेटी पर गर्व है । इस अवसर पर युवाओं से भी आह्वान किया कि वह भी खेलों के माध्यम से आगे बढ़े और देश का नाम रोशन करें । यूपी शामली एथलेटिक्स सचिव जबर सिंह खैवाल ने बताया कि हांगकांग में 28 से 29 मई तक आयोजित जूनियर एशियन गेम्स चैंपियनशिप में निपम ने महज 11.62 सेकंड में दौड़ पूरी कर यह सफलता हासिल की है ।
निपम चौहान ने बताया कि 25 वर्षों के लंबे समय के बाद भारतीय महिला एथलीट ने अंडर-20 जूनियर एशियन गेम्स की 100 मीटर स्पर्धा में देश को पदक दिलाने का गौरव प्राप्त किया है। निपम 11.52 सेकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी कर नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं।
खेतों की पगडंडी व सड़क पर किया अभ्यास निपम चौहान के पिता शिवकुमार चौहान ने बताया कि उनकी बेटी में कुछ अलग करने का जुनून रहता था । गांव में निपम चौहान का कांस्य पदक जीतने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। निपम चौहान गांव में ट्रैक न होने के बावजूद वह रोजाना सुबह 4 बजे उठकर सड़कों पर अभ्यास करती थीं। प्रशिक्षण का खर्च उठाने के लिए उसके पिता जी ने खेती के साथ-साथ एक फैक्टरी में मजदूरी का काम भी किया।निपम चौहान के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मवेशी बेचने पड़े और घर का सामान गिरवी रखना पड़ा। लेकिन निपम का अभ्यास कभी नहीं रुकने नहीं दिया । निपम की मां गीता देवी ने बताया कि निपम घर और खेत के काम भी पूरा करती थी। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से निपम को पूर्ण सहयोग दिया गया। नियम अब तक राष्ट्रीय स्तर पर चार, राज्य स्तर पर सात और जिला स्तर पर दर्जनों पदक जीत चुकी हैं । इस अवसर पर जेपी नेता देवेंद्र कादयान, नरसिंह रावल,पप्पू रावल पूर्व सरपंच संजौली, राजवीर,तुषार रावल, समाजसेवी रामधन रावल, सुखबीर रावल,पूर्व सरपंच रविंदर, बिट्टू भाटिया बापौली, अनिल रावल बापौली, आर्य श्रीपाल चौहान, दीपक सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे.