पर्यटन विकास को लेकर सरकार का बड़ा विजन सामने आया

जयपुर: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान को विश्व पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने का संकल्प दोहराते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी पर्यटन परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी हों, ताकि राज्य वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सके।

पर्यटन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग की योजनाओं, प्रचार रणनीतियों और विकास कार्यों का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में ओंकार सिंह लखावत, शुचि त्यागी और रुक्मणि रियाड़ समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री ने राजस्थान पर्यटन की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक ब्रांडिंग पर जोर देते हुए रोड शो, डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटन आयोजनों को आधुनिक स्वरूप देने पर भी बल दिया गया।

बैठक में एस्ट्रो टूरिज्म को लेकर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य का स्वच्छ आकाश और कम प्रकाश प्रदूषण इसे दुनिया का प्रमुख स्टारगेजिंग डेस्टिनेशन बना सकता है। इस दिशा में पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को “डार्क स्काई रिजर्व” घोषित करने और माउंट आबू में ऑब्जर्वेटरी टूरिज्म शुरू करने पर विचार किया गया।

दिया कुमारी ने जैसलमेर और बाड़मेर को दुबई की तर्ज पर वर्ल्ड क्लास डेजर्ट एडवेंचर हब के रूप में विकसित करने की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही एआई आधारित टूरिज्म ऐप विकसित कर आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।

जयपुर स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने (18 नवंबर 2027) के अवसर पर वर्षभर उत्सव आयोजित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। इसके अलावा जयपुर वॉल सिटी और शेखावाटी की हवेलियों के सौंदर्यकरण, उदयपुर में वेडिंग इवेंट, घूमर फेस्टिवल और “पिक योर समर एस्केप” थीम के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर भी चर्चा हुई।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इनोवेशन, प्रभावी क्रियान्वयन और आधुनिक सोच के जरिए राजस्थान पर्यटन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।