सविता आर्य ने सांझी कला के संरक्षण पर दिया जोर

पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ौली में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय करनाल मंडल स्तरीय साँझी लोक कला कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 1 जून से 3 जून तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, महिलाओं एवं कला प्रेमियों को हरियाणा की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना तथा साँझी कला के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला का आयोजन कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा महानिदेशक के. एम. पाण्डुरंग के मार्गदर्शन में तथा कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी चित्रकला रेनू हुड्डा मलिक के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक प्रदीप मलिक, सहायक रीटा मलिक तथा मास्टर ट्रेनर कमलेश ने प्रतिभागियों को साँझी कला की विभिन्न तकनीकों एवं विशेषताओं का प्रशिक्षण प्रदान किया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा पुलिस इंस्पेक्टर रेखा तथा समाजसेवी सविता आर्य उपस्थित रहीं। इंस्पेक्टर रेखा ने अपने संबोधन में बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा ही सशक्त समाज की आधारशिला हैं। वहीं समाजसेवी सविता आर्य ने महिलाओं, बालिकाओं एवं विद्यार्थियों को लोक कला साँझी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक पहचान की धरोहर हैं और नई पीढ़ी को इन्हें सीखकर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को सामाजिक सहभागिता बढ़ाने तथा बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने साँझी कला की बारीकियों को सीखा तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगों, फूलों और पारंपरिक डिजाइनों के माध्यम से तैयार की गई साँझी कलाकृतियों ने सभी का मन मोह लिया।

समापन अवसर पर कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने प्रतिभागियों के उत्साह, समर्पण एवं रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हिंदी प्राध्यापक रविंद्र सिंह ने अतिथियों, प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा लोक कला और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प लिया गया। इस मौक़े पर डीपीई उमेद सिंह, सीमा, रेखा, काजल शर्मा, दीक्षु, दीप्ति, आशु, शीला, नेहा, रूनी, आरती, नेहा, लक्ष्मी, राधिका, सपना, गुंजन, राखी शर्मा, ख़ुशी शर्मा, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग से सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।